हम नहीं सुधरेंगे
- व्यंग्य
- August 17, 2026
काम, क्रोध और लोभ को मनुष्य के विनाश का प्रमुख कारण माना जाता है और कहा जाता है कि जो व्यक्ति इन तीनों पर विजय प्राप्त कर लेता है वह देवताओं की श्रेणी में गिना जाता है। लेकिन आज के इस युग में तो इन तीनों का ही बोलबाला है। बड़े अचरज व दुःख की
READ MOREभारत का स्विट्जरलैंड कहलाने वाली हमारी देवभूमि उत्तराखण्ड के आम जनमानस को आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास था कि अपना राज्य बनने के पश्चात तो उसके दिन अवश्य बहुरेंगे। लेकिन अफसोस दो दशक पश्चात भी अपेक्षित विकास नहीं हुआ। उसने अपने ही कर्णधारों के द्वारा छोड़ी गई भावनाओं से आहत होकर भले ही राज्य
READ MORE‘पलायन’ विषय पर सदैव चर्चा होती रही है और होती रहेगी, परन्तु इसका सार्थक परिणाम कब निकलेगा यह एक आज तक यक्ष प्रश्न है। क्योंकि कटु सत्य यह है कि जिस प्रकार से पलायन रोकने के लिए विकास जरुरी है उसी प्रकार विकास के लिए पलायन भी जरुरी है। फिर भौतिकवाद युग का एक कड़वा
READ MOREअच्छी भली हंसती-खेलती गृहस्थी थी अनिल की। माँ, पत्नी, दो बच्चे- एक लड़की एक लड़का। माँ कभी उसके पास रहती, कभी बड़े बेटे के पास मुंबई और बीच-बीच में पहाड़ अपने गांव का चक्कर लगा जाती, वहाँ किसी को आधे पर खेत दिये थे, उनका हिसाब-हिताब देखने। स्वयं अनिल एवं प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता
READ MOREआज पंडित ब्रह्मानंद क चौक म तिरपाल छौ तड्यूं। द्वी चार कुर्सि अर कुछ चारपायूं म दरि बिछै कि बैठक सजई छै। बैठक म कुछ लोग, जौंमु मीं बि सामिल छौ, छ्वीयूंम मस्त छा। पंडित बह्म्रानंद क घर म आज देवि पाठ कु समापन छौ। पंडित सदानंद जी, पिछला पांच दिन बटी पाठ मा छा
READ MOREमध्य हिमालय की गोद में बसा हुआ भूखण्ड गढ़वाल ख्याति प्राप्त दिव्य एवं ऐतिहासिक प्राचीन मठ-मन्दिरों, हिमानी पर्वत शिखरों के मध्य स्थित अनेक रमणीक सरोवरों, जल-प्रपातों तथा आकर्षक गरम जल-धाराओं के लिये ही नहीं अपितु प्राकृतिक सुषमा से भरपूर विश्व विख्यात अद्वितीय मनोरम स्थलों के लिये भी सुप्रसिद्ध है। इन सुविख्यात स्थलों में ऐतिहासिक गन्दमादन
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