सामग्री- विधि- पोषक मूल्य- ढुंगले में निम्न पोषक तत्व पाए जाते हैं।

सामग्री-
- गेंहू का आटा – 150 ग्रा0
- नमक – 1/4 चम्मच
- घी – 2 चम्मच
विधि-
- सर्वप्रथम गेंहू के आटे को नमक डालकर गूथ लेते हैं।
- गेंहू के आटे की छोटी सी रोटी बनाकर उसके अन्दर घी भर लेते हैं।
- इसे आटे के गोले जैसा आकार देते हैं।
- इसे पकाने के लिए पहले पत्थरों को आग में गर्म कर लेते हैं। उसके बाद इन आटे के गोलों को गर्म पत्थरों पर पकाया जाता है।
- उत्तराखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों में पत्थरों को ढुंगे भी कहते हैं व पत्थरों के ऊपर रखकर पकाने के कारण इसे ढुंगले ही नाम दे दिया गया है।
- दोनों ओर से सुनहरा होने तक इनको पकाया जाता है।
- पकने पर गर्म-गर्म घी लगाकर परोसा जाता है जिन्हें कि उड़द राजमा की मिक्स गाढ़ी दाल के साथ खाया जा सकता है। ‘यह दिखने में बन की भांति होते है। जिनका प्रयोग रोटी की ही भांति होता है।’
पोषक मूल्य- ढुंगले में निम्न पोषक तत्व पाए जाते हैं।
- कैल्शियम- घी में बनाने के कारण इसमें कैल्शियम भी पाया जाता है।
- आयरन- इसमें आयरन की भी पर्याप्त मात्रा पाई जाती है।
- कार्बोहाइड्रेट- गेंहू में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है।
- वसा- इस रोटी को मुख्य रुप से घी के साथ खाया जाता है। इस कारण पौष्टिकता और अधिक बढ़ जाती है।
- रफेज- इस रोटी को मुख्य रुप से गेंहू व मंडुवे से बनाया जाता है जिसमें चोकर होने के कारण रफेज की मात्रा बढ़ जाती है।
- विटामिन- गेंहू, व घी में कुछ अंश विटामिन का भी पाया जाता है।
- जल- हमारे शरीर में पानी का कुछ अंश रोटी से भी जाता है क्योंकि आटा गूंथने में पानी की आवश्यकता पड़ती है।
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