किताबों के पन्नों में कविताएंजैसे दबा हो किताबों के बीच एक फूल,किसी के लिए नहीं उसकी सुगन्ध,उसके सौंदर्य का कोई अस्तित्व नहीं। चलो मैं तुम्हें दिखाऊं,यथार्थ की स्याही से, जीवन के पृष्ठ लिखीकुछ कविताएं, कुनबे के लिए सिकी रोटियों के
कहीं थू-थू की रैली है, कहीं धिक्कार की रैली,कहीं त्रिशूल दिखाते हैं, कहीं तलवार की रैली।सियासत में प्रदूषण है, विचार गंगा ही मैली है,चलो पटना में पिटने को वहां लाठी की रैली है। क्या पता क्या रूप देते हैं वे
कैंसर क्या है- कैंसर शरीर के उस ग्रोथ को कहते हैं जिसकी वद्धि नियम के विरुद्ध होती है, जिसका कोई लाभदायक प्रयोजन नहीं होता। यह स्लउचींजपब टमेेमस को प्रभावित कर शरीर के अन्य स्थानों पर इसी प्रकार की ग्रोथ पैदा
उद्योग विहीन पहाड़ों में आजीविका के दो ही साधन हैं, खेती या नौकरी। कम्प्यूटर कृत वैश्वीकरण के इस युग में रोजगार पाने की सम्भावनायें तो दिन प्रतिदिन सीमित होती जा रही हैं और खेती पहाड़ में दो जून की रोटी
सामग्री- विधि- पोषक मूल्य- ढुंगले में निम्न पोषक तत्व पाए जाते हैं।
सामग्री- विधि- हरी चटनी- पोषक मूल्य- मंडुवे की रोटी में निम्न पोषक तत्व पाए जाते हैं।