मैं अक्सर सुनता हूं अपने Clinic में आये हुए रोगी से “डाक्टर साहब यह दवा यदि फायदा नहीं करती है तो नुकसान भी नहीं करेगी।” मैं तो समझा नहीं सकता
ये वैज्ञानिक युग म भलै क्वी भाग्य तैं नि मानों पंणि मनिखि ही न, धरती कू हर जीव, भाग्य क हाथ कू एक खिलौना च। ‘तिसलि नदी’ नामक यीं कहानि
कहीं थू-थू की रैली है, कहीं धिक्कार की रैली,कहीं त्रिशूल
सामग्री- विधि- पोषक मूल्य- झंगोरा के भात में निम्न पोषक
काम, क्रोध और लोभ को मनुष्य के विनाश का प्रमुख
नगाधिराज हिमालय की गोद में बसा गढ़वाल उत्तराखण्ड आदिकाल से
राज्य निर्माण के दो दशक पश्चात भी राज्य मे सरकार
‘पलायन’ विषय पर सदैव चर्चा होती रही है और होती