• विबन्ध कारण लक्षण एवं निवारण

    विबन्ध कारण लक्षण एवं निवारण0

    कारण- विबन्ध (कब्ज) हमेशा पित्त की विकृति के कारण होता है। पित्त की उत्पत्ति की मात्रा कम होने से भोजन का पाचन सही प्रकार से नहीं हो पाता है तथा भोजन के न पचने पर भोजन में आम (अपक्वता) दोष की उत्पत्ति होती है। अपच भोजन का सही रूप से शोषण नहीं होता तथा अशोषित

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  • भोजन विवेक

    भोजन विवेक0

    ईश्वर ने प्राणिमात्र को आहार का विवेक दिया है पर मनुष्य को यह विवेक विशेष रूप में प्रदान किया है। भोजन का केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से ही नहीं अपितु अनेक दृष्टिकोण से विचार करना चाहिये। हमें कितना खाना आवश्यक है और हमारा संतुलित भोजन कैसा होना चाहिये इस पर हमें विचार करना चाहिये। जो

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  • पायरिया रोग एवं चिकित्सा

    पायरिया रोग एवं चिकित्सा0

    यह रोग अपने आप में अत्यन्त कष्टकारी रोग है। इसका प्रारम्भ दाँतों की उचित देखभाल न करने, अनियमित रूप से जब तब कुछ ना कुछ खाते रहने से तथा भोजन का उचित रूप से पाचन न होने के कारण होता है। लीवर की खराबी के कारण रक्त में अम्लीयता बढ़ जाती है। दूषित अम्लीय रक्त

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  • स्वस्थ रहने के लिए ऋतुचर्या का ज्ञान

    स्वस्थ रहने के लिए ऋतुचर्या का ज्ञान0

    रोग की चिकित्सा करने के बजाय रोग को न होने देना ही अधिक श्रेयस्कर होता है और यह चर्याचर्य अर्थात् ऋतुचर्या दिनचर्या तथा रात्रिचर्या के सम्यक् परिपालन से रोग का निश्चय ही प्रतिरोध होता है। आयुर्वेदशास्त्र में ऋतुचर्या, दिनचर्या तथा रात्रिचर्या की जो विधि वर्णित की गई है, उसका नियमपूर्वक आचरण करने से मनुष्य सदा

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  • होम्योपैथिक दवा के “साइड इफेक्ट”

    होम्योपैथिक दवा के “साइड इफेक्ट”0

    मैं अक्सर सुनता हूं अपने Clinic में आये हुए रोगी से “डाक्टर साहब यह दवा यदि फायदा नहीं करती है तो नुकसान भी नहीं करेगी।” मैं तो समझा नहीं सकता इसलिए इस विषय पर लेख लिखने का निश्चय किया। यह साइड इफेक्ट नहीं करती, ऐसा कहकर कोई भी होम्योपैथिक Medicine नहीं दे सकता। पहले तो

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  • हदय रोग

    हदय रोग0

    हमारे शरीर में स्थित मुट्ठी के आकार का हृदय एक मिनट में 70 से 75 बार धड़कता है और एक घंटे में लगभग 300 लीटर रक्त शरीर के अंग-प्रत्यंग में रक्त की आपूर्ति करता है। जब रक्त प्रवाह में रुकावट आती है तो इसके कारण कुछ मांसपेशियाँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे तीव्र वेदना होती

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