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  • व्यथित क्यों हो तुम?

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    मेरा दिल डर रहा है, ये भयानक आवाजें न निकालो इस भयानक रात में, इस बरसात में, यूं झगड़कर, यूं रगड़कर किसे डरा रहे हो, शायद तुम दुखी हो, तभी तो रो रहे हो। क्या अधिक वेदना है, क्या अधिक दुःख है इतनी तेजी से, इतने जोरों से, कितना सारा आंसू यूं ही क्यों बहा

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