कैंसर और होम्योपैथी
- स्वास्थ्य/चिकित्सा
- August 20, 2026

ॐ भूर्भुवः स्वः भोजकट देशाद्भव भार्गव गोत्रोत्पन्न भगवान शुक्र के अवतरण पर ब्रह्मचक्र त्वरित गति से विशिष्ट स्थिति में गतिशील था। तुला लग्न उदित था। धनभाव में स्वगृही मंगल आरूढ़ होकर शुक्र के वंश परिवार की निम्नता प्रकट करके उसकी बुद्धि को मलिन व निम्न वृत्ति का बनाकर संतान का कारक हो रहा था। सहज
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