आधाशीशी (MIGRAINE): कारण एवं चिकित्सा
- स्वास्थ्य/चिकित्सा
- September 1, 2026

आयुर्वेद में आरोग्यता को ही सुख कहा गया है। जब शरीर के दोष (वात, पित्त, कफ) समान अवस्था में रहते है तो शरीरस्थ अग्नियां भी समभाव में रहती है जिसे रस रक्तादि धातुओं का निर्माण तथा पोषण भी सम्यक रूपेण चलता रहता है तथा मल निष्क्रमण की क्रियायें में भी यथावत् रूप से होती रहती
READ MORE