Author's Posts

  • हम नहीं सुधरेंगे

    हम नहीं सुधरेंगे0

    सरकार नई नेता नये, उनके सचिव सहयोगी सब नये। काम के तरीके और सिद्धान्त भी नये। पर हम तो वही हैं। हाथ पर हाथ रख अलसाने वाले, हर तमाशे को उचक-उचक कर देखने वाले, इधर- उधर भरपूर गपियाने और अपनी हर समस्या पर सरकार को कोसने वाले। हम वो हैं जो रात के अंधरे में

    READ MORE
  • नतमस्तक

    नतमस्तक0

    अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक के पास भागा-भागा कोई व्यक्ति आकर सूचना देता है कि ‘फैक्ट्री में आग लग गई है’ मालिक प्यार से बिस्कुट चबाते हुये लापरवाही से कहता है, ‘मुझे क्या?’ वह व्यक्ति स्पष्ट

    READ MORE
  • घुघुती का घोंसला

    घुघुती का घोंसला0

    अच्छी भली हंसती-खेलती गृहस्थी थी अनिल की। माँ, पत्नी, दो बच्चे- एक लड़की एक लड़का। माँ कभी उसके पास रहती, कभी बड़े बेटे के पास मुंबई और बीच-बीच में पहाड़ अपने गांव का चक्कर लगा जाती, वहाँ किसी को आधे पर खेत दिये थे, उनका हिसाब-हिताब देखने। स्वयं अनिल एवं प्राइवेट कम्पनी में नौकरी करता

    READ MORE
  • हमारे महान संत गुरु

    हमारे महान संत गुरु0

    मानव जन्म हीरे-सा अनमोल है, जिसे स्थायी व्यक्ति भौतिक प्रगति की सीढ़ियाँ चढ़ने में व्यर्थ गंवाता है। इसे तलाश कर चमकाने का काम गुरु ही कर सकता है। ऐसे ही नहीं संत कबीर गुरु को भी गोविन्द से बड़ा बताये गये हैं। ईश्वर की कृपा से आज हमारे भाग्य में गुरु रूपी धरोहर मिलते हैं।

    READ MORE

Latest Posts