• दे दो छूट जवानों को

    दे दो छूट जवानों को0

    दे दो छूट जवानों को तुम, कारगिल के मस्तानों को। देश के इन दीवानों को, दुश्मन का नाम मिटाने को।। अब न सहेंगे अब न रुकेंगे, तुम भी रोक न लेना अब। रोज-रोज के जुल्म-सितम और, खतरे नहीं सहेंगे अब।। हानि उठा ली हद से ज्यादा, दुश्मन की करतूतों से। आज मिटा दो हस्ती उसकी,

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