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  • आत्मा, ऐश्वर्य और प्रभाव का प्रतीक ग्रह ‘सूर्य’

    आत्मा, ऐश्वर्य और प्रभाव का प्रतीक ग्रह ‘सूर्य’0

    ‘प्रत्यक्ष देवता सूर्यः जगच्चक्षुः दिवाकरः’सूर्य-ब्रह्माण्ड गोलक का अधिपति है। पृथ्वी का सौरमण्डल सूर्य द्वारा ही संचालित व नियंत्रित है। जितने भी ग्रह, नक्षत्र, योग, राशियां, करण, आदित्यगण, वसुगण, रुद्र, अश्विनी कुमार, वायु, अग्नि, शक्र प्रजापति, समस्त भूः भुवः स्वः आदि लोक सम्पूर्ण नभ, नाग, नदियां, समुद्र और समस्त भूतों का समुदाय हैं। इन सभी के

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  • साहस अधिकार पराक्रम का प्रतीक ग्रह मंगल

    साहस अधिकार पराक्रम का प्रतीक ग्रह मंगल0

    मंगल ग्रह जगतपालक विष्णु व पृथ्वी के संयोग का फल है। एक बार मंगल की मातोस्वरी पृथ्वी, भगवान विष्णु पर सुप्त हो गई थी और लावण्यवती तरुणी का रूप धारण करके विष्णु के गले उपस्थित हुई। विष्णु ने उसका श्रृंगार किया, किन्तु तब वह मातोस्वरी पृथ्वी कामातुर होकर बेहोश हो गई थी, ऐसी विषम स्थिति

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