• मनमोहनी माया

    मनमोहनी माया0

    अनपढ़ गंवार थे वो सन्त कबीराजो कहे माया बड़ी ठगनि हम जानीदौलत तेरी बस एक लंगोटी अरे फकीरा,देखा तूने बन्द कमरों में हीरे मोतियों का जखीरा,देखी तूने कभी बेशकीमती बी.एम.डब्लू गाड़ी,जिसमें शान से बैठे हों धनपति राजा कलमाड़ी,झूठ, फरेब, ठगी से इतनी माया जोड़ी,शपथ बद्धता हमने कब तोड़ी,शपथ तो हमनें यह थी खाई,वक्त मिला है

    READ MORE