• कन्या-धन

    कन्या-धन0

    अष्टमी के दिन चार नन्हीं परियों को इधर से उधर दौड़ते-भागते देखा तो मन अतीत में लौट गया। उस समय हम भी इसी तरह इस घर से उस घर में जाकर गृहस्वामिनी से पूजे जाते। फिर हलवा-पूरी की दावतें उड़ाते और दक्षिणा के पैसे बार-बार गिनकर प्रसन्न होते, पर हम तो गिनती में बहुत होती

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