एक लड़की की लिखी कविता
- कविता/ग़ज़ल
- August 31, 2026

लक्ष्मीदत्त नौटियाल , भिवाड़ी (राजस्थान)जात-पात में मत पड़ो, वर्ण भेद भेद दो,मनुष्य मात्र एक हो, न किसी में कोई भेद हो।जाति-धर्म भिन्न-भिन्न खान-पान भिन्न-भिन्न।भिन्नता में एकता, हो कर्म में भारतीयता।राम-रहीम एक हैं, स्वरूप उनका एक हैधर्म भले ही भिन्न हो, हो कर्म में भारतीयता।चाहे राम को भजो, या रहीम से करो दुआ,इबादत का तौर भिन्न,
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